लेख


अमेरिका द्वारा हटाया गया एल्व्हा डैम (फोटो साभार: डांसिंग बेयर, विकिमीडिया)

 

अमेरिका ने 2016 में नदियों पर बनाये गए 72 परियोजनाओं को हटाया गया है.जबकि 1912 से 2016 तक अमेरिका ने 1384 बांधों को किया है.

 

इस सन्दर्भ में अमेरिकन रिवर्स की रिपोर्ट यहाँ देख सकते हैं   अमेरिकी सरकार का का मानना है की नदी परियोजनाओं को हटाने से स्थानीय समुदायों को विभिन्न प्रकार के लाभ मिलते हैं, जैसे नदी द्वारा स्वच्छ पानी मिलना, मछलियों और वन्य जीवन को पुनर्जीवित करना, सार्वजनिक सुरक्षा, मनोरंजन. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था आगे बढती है.

अमेरिकन रिवेर्स के अनुसार:

Dam removal can be expensive in the short term, but in most cases where dams have been removed or are being considered for removal, money is actually saved over the long term. In addition, removal often generates income from newly available recreation opportunities – including fishing, kayaking, and rafting – which may actually result in a net economic benefit."

 

अमेरिका में डैम दो प्रकार से हटाये गए हैं.एक तो वह जो छोटे डैम थे जिनकी उपयोगिता ख़तम हो गयी थी, जैसे कि Oregon rogue नदी पर डैम, दुसरे वे डैम जो परियोजनाएं आर्थिक रूप से लाभकारी थी और उनसे उत्पादन हो रहा था जैसे कि matilija dam और elwha dam.

अमेरिका द्वारा हटाये गये डैम इस मानचित्र में देख सकते हैं (फोटो साभार: सी.जेड. अमेरिकन रिवर्स)

 

अमेरिका को लगता है कि परियोजनाओं से विकास कम और हानि ज्यादा हैं अतः परियोजनाओं को हटाना उचित है. जहाँ अमेरिका में मछली तथा मनोरंजन के लिए परियोजनाओं को हटाया गया है वहीँ भारत में गंगा को माँ की संज्ञा दी गयी है फिर भी हम डैम बना रहे हैं. हिन्दू धर्म के जगद्गुरु शंकराचार्य के कथनों को देख सकते हैं:

 

  • “Ganga represents our civilization. Her flow has sustained us for thousands of years. It is necessary to keep the flow of Ganga in its natural form. Any human activity that interferes with the flow of Ganga should not be undertaken.”(BySwami Bharti Teerath Ji, Sringeri)
  • “All the embankments made along the Ganga and her tributaries should be removed. Water of the ganga must be allowed to spread in their natural way and replenish this holy earth.”(By Nischalanand ji, Puri)
  • “गंगा हिमालय से निकलती है अतः उसे पर्वतराज हिमालय की पुत्री कहा जाता है. उत्तराखंड में भागिरथीगंगा, अलकनंदागंगा और मन्दाकिनीगंगा पर बनाये जा रहे बाँध ऐसे हैं मानो कोई पिता अपनी कन्या के गले में फंदा डालकर उसे अचेत कर रहा हो.” (By श्री स्वरूपानंद जी महाराज, द्वारका)

 

जगद्गुरु शंकराचार्यों के सम्पूर्ण कथनों को आप यहाँ पढ़ सकते हैं.

 

सत्ता में आने के बाद भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था कि “अब हमें गंगा से कुछ लेना नहीं है बल्कि सिर्फ देना है.” मोदी जी के इस वक्तव्य को केन्द्रित करते हुए हम उनसे आग्रह करते हैं कि जिस प्रकार से अमेरिका ने मछली तथा मनोरंजन के लिए बांधों को हटाया है, उसी प्रकार श्री मोदी जी को माँ गंगा की रक्षा के लिए गंगा पर पूर्व में बने विष्णुप्रयाग, श्रीनगर, टिहरी, मनेरी-भाली, कोटेश्वर परियोजनाओं को हटाना चाइये.


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